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学警狙击

对印度施压?美批准升级巴基斯坦空军F_我的网站

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一 |      डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार को 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बाद जयपुर के आभूषण बाजार में बेहद चिंता की लहर है। जिन गलियों में आभूषणों की खनक सुनाई देती थी, आज वहां खामोशी का दौर है। रत्न और आभूषण पर्यटन के साथ-साथ जयपुर की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। आभूषण शहर के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के साथ, चिंता है कि यह फलता-फूलता उद्योग अपनी चमक खो सकता है।,

जयपुर के जौहरी बाजार चिंता में

प्रसिद्ध जौहरी बाजार या आभूषण कारीगरों के बाजार से लेकर, जहां पारंपरिक जौहरी सबसे उत्तम आभूषण, मीनाकारी से सजे कुंदन पोल्की सेट बनाते हैं, गोपाल जी का रास्ता की संकरी घुमावदार गली तक, जहां व्यापारी मोती, गहने, रंगीन रत्न और कीमती पत्थर बेचते हैं, पूरा इलाका चिंता में डूबा हुआ है कि आगे क्या होगा।,

जेम पैलेस के मालिक ने जताई चिंता

जेम पैलेस के मालिक सुधीर कासलीवाल का परिवार पीढ़ियों से जयपुर के शाही परिवार के निजी जौहरी रहे हैं। जयपुर की प्रसिद्ध राजमाता गायत्री देवी उनकी शाही संरक्षक थीं और वर्षों से जेम पैलेस ने अपनी कालातीत शिल्पकला और विरासती आभूषणों के लिए एक प्रतिष्ठा अर्जित की है।,ओपरा विन्फ्रे से लेकर अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला जैकलीन कैनेडी ओनासिस तक, अंतरराष्ट्रीय हस्तियां जेम पैलेस के इस स्टूडियो का दौरा कर चुकी हैं। लेकिन अमेरिकी टैरिफ इन जैसे पारंपरिक व्यवसायों को प्रभावित कर सकते हैं।

हमारे निर्यात ऑर्डर पूरी तरह से ठप हैं- जेम पैलेस के मालिक सुधीर

जेम पैलेस के मालिक सुधीर कासलीवाल ने कहा कि अमेरिका को हमारे निर्यात ऑर्डर पूरी तरह से ठप हैं। वास्तव में, खरीदार और ऑर्डर देने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारे स्टोर पर आने वाले विदेशी पर्यटकों में से 70 प्रतिशत अमेरिकी हैं और टैरिफ का जयपुर में हमारी बिक्री पर भी निश्चित रूप से असर पड़ेगा।,आगे बोले कि अमेरिकी पर्यटक खरीदारी नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें भारत में खरीदे गए आभूषणों को घर ले जाने पर भारी शुल्क देना होगा।

जयपुर के व्यापारियों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार

राजस्थान से रत्न और आभूषणों का कुल निर्यात लगभग 18,000 करोड़ रुपये का है। जयपुर के व्यापारियों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। जयपुर हर साल अमेरिका को लगभग 3,200 करोड़ रुपये मूल्य के तैयार आभूषण और रंगीन रत्न निर्यात करता है।,

क्रिसमस के ऑर्डर नहीं आ रहे- जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष

जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और एक प्रमुख निर्यातक आलोक सोंखिया ने कहा कि इस समय तक हमें क्रिसमस के ऑर्डर मिलने शुरू हो जाते, लेकिन एक भी ऑर्डर नहीं आ रहा है। दरअसल, कुछ निर्यातकों ने कहा है कि उनकी खेप अमेरिका पहुंच गई है, लेकिन ग्राहक उसे उठा नहीं रहे हैं। आने वाले महीनों में आभूषण व्यवसाय पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।,

पन्ना, तंजानाइट, रूबीलाइट निर्यात किए जाने वाले कुछ पसंदीदा रत्न

रंगीन रत्नों की कटाई और पॉलिशिंग भी जयपुर से निर्यात व्यापार का एक महत्वपूर्ण घटक है। पन्ना, तंजानाइट, रूबीलाइट, मॉर्गनाइट और एक्वामरीन जैसे रंगीन रत्न राजस्थान से काटे, पॉलिश किए और निर्यात किए जाने वाले कुछ पसंदीदा रत्न हैं और इनका उपयोग तैयार आभूषणों में किया जाता है।,यह भी पढ़ें- टैरिफ लगाकर अमेरिका कर रहा आर्थिक ब्लैकमेल, अर्थशास्त्री बोले- चुनौतियों से निपटने को भारत को झोंकनी होगी पूरी ताकत。    
【环球时报综合报道】印度《欧亚时报》13日称,美国近日批准巴基斯坦空军美制F-16战斗机的升级项目,这不但意味着印度空军将面临更先进对手的压力,而且时值印度拒绝美国要求、依然同俄罗斯保持军事合作关系,美国此举很可能是在对印度施加更大的压力。

二 | 报道称,美国国防安全合作局最近通知美国国会,决定允许向巴基斯坦提供F-16战斗机保障升级等相关服务,预计总金额达4.5亿美元。尽管美方表示“该交易不会改变地区军事平衡,也不涉及任何新的能力、武器或弹药”,但印媒认为,它仍对新德里“敲响了警钟”。报道引用印度空军专家的话称,“美国向巴基斯坦提供的F-16战斗机维护内容可能包括升级项目,使其能携带更先进的武器和传感器。虽然我不认为该方案会显著改变力量平衡,但它肯定会让巴基斯坦空军保持对印度空军的威慑能力。”当前巴基斯坦拥有不同批次的F-16战斗机。报道称,有分析认为,印度空军的俄制战斗机无法对抗巴基斯坦配备有AIM-120导弹的F-16战斗机,因此才转向法国引进更先进的“阵风”战斗机。但更让印度焦虑的是美国此举背后的政治压力。

三 | 《欧亚时报》称,2018年时任美国总统特朗普为拉拢印度,以“巴基斯坦庇护恐怖分子”的借口,暂停对巴基斯坦F-16机队的支持。如今印度军事和外交政策专家担心,美国拜登政府时隔4年后决定取消对巴基斯坦战斗机的维护限令,恰逢印度和美国因新德里拒绝与西方一起制裁俄罗斯而出现关系紧张,未来美国可能还会施加更大压力。

四 | (马俊)

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Published on:05:50:18


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